देखभाल- यह एक छोटे आकार का पौधा होता है जिसे आसानी से छोटे गमलों में उगाया जा सकता है. इस पौधे को विशेष देखभाल की जरूरत भी नहीं होती है. खुली धूप में यह पौधा खिला हुआ रहता है. पानी की भी इसे कम ही आवश्यकता होती है.
खासियत- गुलाबी और सफेद रंग की इसकी किस्में जो कि बहुतायत में पायी जाती हैं, उन्हें औषधि के रूप में भी उपयोग में लाया जाता है. डायबिटीज के अलावा अन्य कई बीमारियों के लिए इस पौधे से आयुर्वेद में औषधियां बनाई जाती हैं.
मैंने अपने टैरेस गार्डन में कुछ गमलों में इसके तैयार पौधे लगाये थे जो कि अब खूब फूल दे रहे हैं....कुछ झलकियां उपलब्ध हैं-



